Monday, April 28, 2014
Wednesday, March 5, 2014
सौंदर्य के नाम पर महिलाओं पर किस प्रकार से अत्याचार किये जाते है ।इन
अत्याचारों से कई बार महिलाओ की जान भी जा सकती है । कुछ देशो का वर्णन इस
प्रकार है -
1 - अफ्रीका - अफ्रीका की आदिम जातियो में लम्बे और मोटे होंठ सुन्दरता के प्रतिक समझे जाते है वहाँ लड़कियां 4 - 5 वर्ष कि होते ही उसके दोनों होठों को कील से छिदवा दिया जाता है । फिर उसमे लकड़ी के गोल टुकड़ो का आकार भी बढ़ाया जाता रहता है । किन्हीं -2 क्षेत्रों में तो बच्चों के होठो से भारी - 2 चीजे लटका दी जाती है । अफ्रीका कि कुछ जातियाँ तो मात्र सुई से ही अपने शरीर पर तरह - 2 कि आकृतियाँ बनवा दी जाती है । शरीर को जगह - 2 से जलकर घाव कर दिया जाता है । कुछ जातियों कि महिलाओ को विषैले पौधों का रस शरीर पर लगा कर घाव कर दिया जाता है ।
2 - आस्ट्रेलिया - आस्ट्रेलियाकि आदिम जाति के लोग दाँतो को कुरूपता कि निशानी समझते है । वहाँ महिलाओ के दांत इस लिए तोड़ दिए जाते है कि वह सुन्दर दिखे ।
3 - चीन - चीन में किसी समय लड़कियो को बचपन से ही पाँवों में लोहे की जूतियाँ पहना दी जाती थी । ताकि उसके पैर लम्बे न हो जाये ।
4 - वर्मा - वर्मा की पहाड़ी जाति पडांग में आज भी लम्बी गर्दन को सुंदर माना जाता है । इसके लिए लड़कियो के गले के ऊपर अनेक पीतल के कड़े पहना दिए जाते है । ज्यो - २ लड़की कि आयु के साथ साथ बड़ी होती जाती है त्यों त्यों उसके गले में कड़ो कि संख्या बड़ा दी जाती है ।
5 - मलेशिया - मलेशिया के सैक्रोनेशिया कि आदिम जातियों में लम्बे कान सुन्दरता के प्रतिक समझे जाते है । वहाँ के लोगो के कानों में छेद करवा कर उसमें वजनदार बालियाँ पहना दी जाती है । इससे उनके कानों का नीचे वाला हिस्सा लटक कर गर्दन तक आ जाता है । कई महिलाओ को एक किलो तक कि बालियाँ पहना दी जाती है । मलेशिया के निवासियों कि मान्यता है कि जिस स्त्री का सिर जितना चौड़ा और चपटा होगा वह उतनी ही सुंदर और भाग्यशाली है । इसलिए माँ बाप जन्म होते ही लड़की को सुंदर और भाग्यशाली बनाने का प्रयत्न करने लगते है । लड़की का जन्म होते ही उसका सिर पानी में भीगे कपड़े से तब तक बार बार दबाते रहते है जब तक कि चपटा होकर गर्दन के बराबर नहीं हो जाता । इसके बाद लड़की के सिर में लोहे का पहिया फँसा दिया जाता है । 15 वर्ष कि आयु तक उसे अपने सिर में यह पहिया फंसाये रखना पड़ता है ।
6 - इण्डोनेशिया - इण्डोनेशिया के सैलोबीज में वहाँ की जातियो में यह धारणा प्रचलित है कि जो स्त्री अपने दांत नहीं तोडेगी वह अपने पति को खा जाने के लिए दांत रखती है । वहाँ के युवक भी ऐसी युवती के लिए मिले प्रस्ताव पर विचार ही नहीं करते जिसने अपने दांत न तोड़ लिए हो ।
7 - फिलीपीन - फिलीपीन में तो स्त्री और पुरुष दोनों के लिए ही दांतों का प्राकृतिक रूप में कुरूप होना समझा जाता है । वहाँ के लोग रेती से घिस घिस कर अपने दांतों को नुकीला बना लेते है वहाँ कि इगशेट जाति के लोग अपने दांतों को नुकीला करने के साथ साथ एक विशेष विधि से काला भी कर लेते है ।
8 - कांगो - कांगो देश की स्त्रियो के शरीर कि चमड़ी को काटकर शरीर में ही आभूषण बना दिया जाता है । हाथ पैरों में जगह जगह चाकू से घाव कर दिए जाते है घावो को उत्तेजक पदार्थो से महीनो तक हरा रखा जाता है । इस प्रकार काफी समय बाद कटा हुआ भाग शरीर पर उभर आता है ।
1 - अफ्रीका - अफ्रीका की आदिम जातियो में लम्बे और मोटे होंठ सुन्दरता के प्रतिक समझे जाते है वहाँ लड़कियां 4 - 5 वर्ष कि होते ही उसके दोनों होठों को कील से छिदवा दिया जाता है । फिर उसमे लकड़ी के गोल टुकड़ो का आकार भी बढ़ाया जाता रहता है । किन्हीं -2 क्षेत्रों में तो बच्चों के होठो से भारी - 2 चीजे लटका दी जाती है । अफ्रीका कि कुछ जातियाँ तो मात्र सुई से ही अपने शरीर पर तरह - 2 कि आकृतियाँ बनवा दी जाती है । शरीर को जगह - 2 से जलकर घाव कर दिया जाता है । कुछ जातियों कि महिलाओ को विषैले पौधों का रस शरीर पर लगा कर घाव कर दिया जाता है ।
2 - आस्ट्रेलिया - आस्ट्रेलियाकि आदिम जाति के लोग दाँतो को कुरूपता कि निशानी समझते है । वहाँ महिलाओ के दांत इस लिए तोड़ दिए जाते है कि वह सुन्दर दिखे ।
3 - चीन - चीन में किसी समय लड़कियो को बचपन से ही पाँवों में लोहे की जूतियाँ पहना दी जाती थी । ताकि उसके पैर लम्बे न हो जाये ।
4 - वर्मा - वर्मा की पहाड़ी जाति पडांग में आज भी लम्बी गर्दन को सुंदर माना जाता है । इसके लिए लड़कियो के गले के ऊपर अनेक पीतल के कड़े पहना दिए जाते है । ज्यो - २ लड़की कि आयु के साथ साथ बड़ी होती जाती है त्यों त्यों उसके गले में कड़ो कि संख्या बड़ा दी जाती है ।
5 - मलेशिया - मलेशिया के सैक्रोनेशिया कि आदिम जातियों में लम्बे कान सुन्दरता के प्रतिक समझे जाते है । वहाँ के लोगो के कानों में छेद करवा कर उसमें वजनदार बालियाँ पहना दी जाती है । इससे उनके कानों का नीचे वाला हिस्सा लटक कर गर्दन तक आ जाता है । कई महिलाओ को एक किलो तक कि बालियाँ पहना दी जाती है । मलेशिया के निवासियों कि मान्यता है कि जिस स्त्री का सिर जितना चौड़ा और चपटा होगा वह उतनी ही सुंदर और भाग्यशाली है । इसलिए माँ बाप जन्म होते ही लड़की को सुंदर और भाग्यशाली बनाने का प्रयत्न करने लगते है । लड़की का जन्म होते ही उसका सिर पानी में भीगे कपड़े से तब तक बार बार दबाते रहते है जब तक कि चपटा होकर गर्दन के बराबर नहीं हो जाता । इसके बाद लड़की के सिर में लोहे का पहिया फँसा दिया जाता है । 15 वर्ष कि आयु तक उसे अपने सिर में यह पहिया फंसाये रखना पड़ता है ।
6 - इण्डोनेशिया - इण्डोनेशिया के सैलोबीज में वहाँ की जातियो में यह धारणा प्रचलित है कि जो स्त्री अपने दांत नहीं तोडेगी वह अपने पति को खा जाने के लिए दांत रखती है । वहाँ के युवक भी ऐसी युवती के लिए मिले प्रस्ताव पर विचार ही नहीं करते जिसने अपने दांत न तोड़ लिए हो ।
7 - फिलीपीन - फिलीपीन में तो स्त्री और पुरुष दोनों के लिए ही दांतों का प्राकृतिक रूप में कुरूप होना समझा जाता है । वहाँ के लोग रेती से घिस घिस कर अपने दांतों को नुकीला बना लेते है वहाँ कि इगशेट जाति के लोग अपने दांतों को नुकीला करने के साथ साथ एक विशेष विधि से काला भी कर लेते है ।
8 - कांगो - कांगो देश की स्त्रियो के शरीर कि चमड़ी को काटकर शरीर में ही आभूषण बना दिया जाता है । हाथ पैरों में जगह जगह चाकू से घाव कर दिए जाते है घावो को उत्तेजक पदार्थो से महीनो तक हरा रखा जाता है । इस प्रकार काफी समय बाद कटा हुआ भाग शरीर पर उभर आता है ।
Thursday, February 20, 2014
सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
मेरी धरती मुझ से पूछ रही
कब मेरा क़र्ज़ चुकाओगे
मेरा अम्बर मुझ से पूछ रहा
कब अपना धर्म निभाओगे
मैंने वचन दिया भारत मां को
तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो लूट रहे हैं सपनो को
मैं चैन से कैसे सो जाऊं
वो बेच रहे हैं भारत को
खामोश मैं कैसे हो जाऊं
हाँ मैंने कसम उठाई है
हाँ मैंने कसम उठाई है
मैं देश नहीं बिकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो जितने अँधेरे लायेंगे
मैं उतने उजाले लाऊँगा
वो जितनी रात बढाएंगे
मैं उतने सूरज उगाऊँगा
इस छल फरेब की आंधी में
मैं दीप नहीं बुझने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो चाहते हैं जागे न कोई
बस रात का कारोबार चले
वो नशा बांटते जायें
और देश यूँही बीमार चले
पर जाग रहा है देश मेरा
पर जाग रहा है देश मेरा
हर भारतवासी जीतेगा
मैं देश नहीं रुकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
(अतरिक्त)
अब घड़ी फैसले की आयी
हमने है कसम अब खाई
हमें फिरसे दोहराना है
और खुद को याद दिलाना है
न भटकेंगे न अटकेंगे
कुछ भी हो इस बार
हम देश नहीं मिटने देंगे
माओं बहनों किस्मत पर
गिद्ध नज़र लगाये बैठे हैं
हर इन्सान है यहाँ डरा डरा
दिल में खौफ़ जमाये बैठे हैं
मैं अपने देश की धरती पर
अब दर्द नहीं उगने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
- अटल बिहारी वाजपेयी
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
मेरी धरती मुझ से पूछ रही
कब मेरा क़र्ज़ चुकाओगे
मेरा अम्बर मुझ से पूछ रहा
कब अपना धर्म निभाओगे
मैंने वचन दिया भारत मां को
तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो लूट रहे हैं सपनो को
मैं चैन से कैसे सो जाऊं
वो बेच रहे हैं भारत को
खामोश मैं कैसे हो जाऊं
हाँ मैंने कसम उठाई है
हाँ मैंने कसम उठाई है
मैं देश नहीं बिकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो जितने अँधेरे लायेंगे
मैं उतने उजाले लाऊँगा
वो जितनी रात बढाएंगे
मैं उतने सूरज उगाऊँगा
इस छल फरेब की आंधी में
मैं दीप नहीं बुझने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो चाहते हैं जागे न कोई
बस रात का कारोबार चले
वो नशा बांटते जायें
और देश यूँही बीमार चले
पर जाग रहा है देश मेरा
पर जाग रहा है देश मेरा
हर भारतवासी जीतेगा
मैं देश नहीं रुकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
(अतरिक्त)
अब घड़ी फैसले की आयी
हमने है कसम अब खाई
हमें फिरसे दोहराना है
और खुद को याद दिलाना है
न भटकेंगे न अटकेंगे
कुछ भी हो इस बार
हम देश नहीं मिटने देंगे
माओं बहनों किस्मत पर
गिद्ध नज़र लगाये बैठे हैं
हर इन्सान है यहाँ डरा डरा
दिल में खौफ़ जमाये बैठे हैं
मैं अपने देश की धरती पर
अब दर्द नहीं उगने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
- अटल बिहारी वाजपेयी
Tuesday, January 14, 2014
JAI JAI BHARAT: क्या केजरीवाल हिटलर जैसे तानाशाह होने जा रहे हें ?...
JAI JAI BHARAT: क्या केजरीवाल हिटलर जैसे तानाशाह होने जा रहे हें ?...: आप का नकली चेहरा अब उजागर होने लगा है मुख्यमंत्री केजरीवाल ने तो अदालत को ही दोषी ठहरा दिया क्या केजरीवाल हिटलर जैसे तानाशाह होने जा ...
Subscribe to:
Posts (Atom)